29 जून 2011
भोपाल। टीकाकरण के लिए प्रयुक्त होने वाले वैक्सीन को निर्धारित तापमान पर सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती है। अभी तक इसके लिए तापमान पर सीधी नजर रखनी पड़ती थी, लेकिन भोपाल में वायरलेस सिस्टम के जरिए तापमान को नियंत्रित किया जाने लगा है। मध्य प्रदेश देश उन राज्यों में से है, जहां वैक्सीन के तापमान को नियंत्रित करने के लिए वायरलेस सिस्टम की मदद ली जा रही है।
सेहतमंद बचपन के लिए बच्चे को जन्म से दो साल की उम्र के बीच छह टीके लगाए जाते हैं, ताकि खसरा, टीबी, पोलियो सहित अन्य बीमारियां असर न डाल सकें। टीकाकरण में प्रयुक्त होने वाली दवा (वैक्सीन) को निर्धारित तापमान पर रखा जाता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि निर्धारित तापमान पर न रखे जाने से वैक्सीन बेअसर हो जाती है। इतना ही नहीं, उसका बच्चे पर प्रतिकूल असर तक पड़ सकता है।
वैक्सीन को जिस फ्रीजर में रखा जाता है, उस पर अभी तक सीधे व्यक्ति (मैनुअली) नजर रखता था, परंतु भोपाल के किलोल पार्क स्थित वैक्सीन स्टोर में वायरलेस सिस्टम के जरिए नजर रखी जा रही है। प्रदेश कोल्ड चेन के प्रभारी डा. विपिन श्रीवास्तव ने बताया है कि मुम्बई की एक कम्पनी द्वारा बनाए गए सॉफ्टवेयर की बदौलत तापमान पर आसानी से नजर रखी जा रही है।
